Feed on
Posts
Comments

मुख पृष्ठ |  परिचय |  चित्र-दीर्घा |  कवि परिवार |  कार्य समिति |  आडियो-विडियो |  गतिविधियाँ |  प्रेस |  प्रवासी संगम New!!
महत्वपूर्ण लिंक्स |  मित्र को बताएं | विशेष सूची में जोड़े | अपने विचार लिखें | अपनों की नज़र में | सम्पर्क |  पंजीकरण

Archive for the 'कवि संगम परिचय' Category

कवि का निर्माण विश्व के किसी भी प्रशिक्षण संस्थान में नहीं होता क्योंकि कविता तो प्रकृति का वरदान है और अभ्यास करते करते व्यक्ति कवि बन जाता है।
कवि चन्द्रबरदाई की पंक्तियॉ “चार बांस, चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमाण, तहाँ बैठो सुल्तान है, मत चुको चौहान” या बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा रचित “वन्दे मातरम्” या सुभद्रा […]

Read Full Post »




मुख पृष्ठ |  परिचय |  चित्र-दीर्घा |  कवि परिवार |  कार्य समिति |  आडियो-विडियो |  गतिविधियाँ |  प्रेस |  प्रवासी संगम New!!
महत्वपूर्ण लिंक्स |  मित्र को बताएं | विशेष सूची में जोड़े | अपने विचार लिखें | अपनों की नज़र में | सम्पर्क |  पंजीकरण